जौनपुर। थाना गौरा बादशाहपुर क्षेत्र के अशरावा ग्राम निवासी संदीप वनवासी की पत्नी सरिता बनवासी उम्र लगभग 25 वर्ष संदिग्ध अवस्था में रात में इस तरह से सोई की सुबह उठी ही नहीं। आखिर मौत के बाद परिजन ही को उसे उठाना पड़ा वह भी राम घाट ले जाकर अन्तिम संस्कार करने के लिए। जिसकी ग्रामीण नम आंखें और रोंधे मुंह से ऐसी तरह से हुई मौत को लेकर दुखी मन के साथ एक दूसरे से चर्चा करते हुए संदीप के दर्द को बांटने में लगे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरिता गुरूवार को हर दिन की तरह शाम को खाना पकाकर परिजन समेत पति को भी दिया। सभी के भोजन करने के पश्चात रात होने पर वह सोने के लिए अपने कमरे में चली गई। जब सुबह हुई तो हमेशा जिस समय पर वह उठती थी लेकिन उठी नहीं तो पति संदीप को लगा कि हो सकता हैं कि तबीयत अभी उसकी उठने कि न कर रही हो। लेकिन कुछ और समय गुजर गया और वह फिर भी नहीं उठी तो उसके उठने कि प्रतिक्षा कर रहे संदीप को चिन्ता हुई की आखिर वह क्यों नहीं उठ रही है तो उसने पास जाकर उसे बिस्तर से उठाना चाहा तो देखा कि सरीता बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी है और मुंह से उसके झाग जैसा पदार्थ निकल रहा है। तुरंत वह किसी अनहोनी हो जाने के अंदेशे से पत्नी सरीता को तुरंत आटो से लेकर सीएससी पर पहोंचा कर चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने उसे देखने के बाद मृत्यु घोषित कर दिया। जैसे ही चिकित्सक ने सरिता की मौत की पुष्टि की संदीप दहाड़ मार कर रोने लगा बयान करके की मेरा सब कुछ लुट गया। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई। और परिजन से मामले की जानकारी लेते हुए लाश को कबजे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। ताकि मौत का कारण स्पष्ट हो सके
