जौनपुर:- रमज़ान की बरकतों के बीच मोहल्ला ढालगर टोला के सात वर्षीय नन्हें रोज़ेदार मोहम्मद अहमद ने इस वर्ष अपना पहला रोज़ा रखकर अक़ीदत और सब्र की मिसाल पेश की है। कम उम्र में उनके इस जज़्बे की मोहल्ला सहित आसपास के लोगों में काफी सराहना हो रही है। मोहम्मद अहमद सेंट पैट्रिक स्कूल में कक्षा 1 के छात्र हैं। उनके पिता शमसाद अहमद पेशे से एक व्यवसाई हैं। धार्मिक माहौल में पले-बढ़े मोहम्मद अहमद ने पूरे उत्साह और हिम्मत के साथ रमज़ान का पहला रोज़ा रखा। बताया गया कि इस वर्ष रोज़े की अवधि लगभग 13 घंटे की है जिसे उन्होंने पूरी लगन और सब्र के साथ पूरा किया। इस उपलक्ष्य में परिजनों ने इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया जिसमें काफ़ी संख्या में रोज़ेदारों ने शिरकत किया
अहमद के छोटे मामा इरफान इक़बाल ने बताया कि अहमद ने सहरी से लेकर इफ़्तार तक पूरे नियमों का पालन किया और इफ़्तार के समय अल्लाह का शुक्र अदा किया। बच्चे के इस हौसले और इबादत के जज़्बे को देखकर परिवार के सदस्य काफी खुश हैं। इफ़्तार दावत में आये हुए लोगों ने भी मोहम्मद अहमद की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में रोज़ा रखना आसान नहीं होता लेकिन उनके मज़बूत इरादे और धार्मिक भावना ने सभी को प्रभावित किया है। मोहल्ले में अहमद की यह पहल अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। परिजनों ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही दीन और अच्छे संस्कारों की तालीम देना ज़रूरी है और अहमद का यह पहला रोज़ा उसी दिशा में एक खूबसूरत शुरुआत है।
इस अवसर पर तारिक़ इक़बाल,आसिफ़ इक़बाल,आसिम इक़बाल,अरशद इक़बाल,साकिब इक़बाल,इरफ़ान इक़बाल,डॉ सरफ़राज़ खान,डॉ सैफ़ हुसैन खान,आरिफ़ हबीब,मेराज खान,डॉ अर्शी खान,एजाज़ शिराज़ी,हफ़ीज़ शाह,डॉ उस्मान,तुफैल अहमद,अलमास अहमद सिद्दीकी,मोहम्मद आज़म,जमाल हाशमी,समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। मग़रिब की नमाज़ मौलाना वसीम अहमद शेरवानी ने अदा कराई।
