पांच वक़्त की नमाज़ की पाबंदी अहले बैत से मोहब्बत की निशानी है: मौलाना कयामुद्दीन

जौनपुर नामा
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जौनपुर:- अहले सुन्नत जमात का ऐतेहासिक जलसा ए शहादत इमाम हुसैन मंगलवार को अंजुमन उस्मानिया दिलाजाक ओलन्दगंज में बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। इस जलसे में उपस्थित जनों को खेताब फरमाते हुए मदरसा हनफिया के मौलाना क्यामुद्दीन ने कहा कि
अहले सुन्नत जमात का जलसा ए शहादत इमाम हुसैन रजी़ मंगल को अंजुमन उस्मानिया दिलाजाक ओलन्दगंज में बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। इस जलसे में उपस्थित जनों को खेताब फरमाते हुए मौलाना मो0 शहादत हुसैन क़िब्ला इलाहाबाद और हनफिया के मौलाना क्यामुद्दीन ने कहा कि कुरान वह हदीस की रोशनी में अहलेबैत से मोहब्बत करने को पांच वक्त की नमाज बेहद जरूरी है।

पाबंदी से नमाज पढ़ने और नौ व 10 मोहर्रम के मौके पर रोजा रखने की फजीलत बयान किया। उन्होंने बताया कि आज के समय में हमारा नौजवान भटक गया है। इसके लिए उसे पांच वक्त की नमाज के प्रति पाबन्द किया जाए। अन्य शायरों ने शहादत इमाम हुसैन रजी़ की याद में अकरम जौनपुरी ने नातों का गुलदस्ता पढ़ते हुए कहा यह कर्बला है अदब से इसे सलाम करो,यहां जमीन से पत्थर भी नम निकलते हैं। ऐसी नमाज कौन पढ़ेगा जहां सजदा किया तो सर ना उठाया हुसैन ने। की बातों को सुनते हुए उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हर तरफ से नारे तकबीर वाह नारे हैदरी की सदाएं गुजती रही।

कार्यक्रम के अध्यक्ष शौकत अली मुन्ना राजा, मोहम्मद इकराम मुन्ना प्लाई,इकराम सौदागर, मोहम्मद शाहिद मंसूरी,डॉक्टर उस्मान,उस्मान राईन,पत्रकार दानिश इकबाल अन्य लोग मौजूद रहे।

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