जुल्फिकार अहमद गामा बनाए गए बसपा प्रभारी प्रत्याशी,सियासी गलियारों में हलचल

जौनपुर नामा
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश की चर्चित शाहगंज विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। शुक्रवार शाम शाहगंज के एक निजी बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बसपा के वाराणसी मुख्य कॉर्डिनेटर एवं पूर्व विधायक दिनेश चंद्रा ने जुल्फिकार गामा को 365 शाहगंज विधानसभा का प्रभारी प्रत्याशी घोषित किया।

गौरतलब है कि शाहगंज सीट पर बसपा को लंबे समय से सफलता नहीं मिल पाई है। पार्टी ने यहां आखिरी बार 1993 में जीत दर्ज की थी, जब पूर्व मंत्री राम दवर विधायक बने थे। इसके बाद 1996 से अब तक पार्टी इस सीट पर जीत से दूर रही है। वर्तमान में इस सीट से निषाद पार्टी के रमेश सिंह विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ललई यादव को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा द्वारा जुल्फिकार गामा को मैदान में उतारना एक रणनीतिक फैसला है, जिसका उद्देश्य खास तौर पर समाजवादी पार्टी के वोट बैंक में सेंध लगाना है। शाहगंज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60 हजार मुस्लिम मतदाता हैं, जो चुनाव परिणामों पर निर्णायक प्रभाव डालते हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में भी मुस्लिम मतों की अहम भूमिका रही थी, जहां निषाद पार्टी को सपा और एआईएमआईएम के बाद सबसे अधिक मुस्लिम वोट प्राप्त हुए थे।

इस मौके पर मीडिया से बातचीत में जुल्फिकार गामा ने कहा कि वे जनता के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने शाहगंज को जिला बनाए जाने और बंद पड़ी गन्ना मिल को पुनः चालू कराने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
बसपा के इस फैसले से शाहगंज की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और आगामी चुनाव को लेकर सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सपा छोड़ कर लगभग आधा दर्जन लोगों ने बसपा की सदस्यता ली।

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